क्या भारत महाशक्ति स्थिति के लिए तैयार है?
चीन विकास के क्षेत्र में अपनी गति से अर्थशास्त्र के चकित करनेवाले नए मुहावरे गढ़ रहा है; जबकि भारत उभरती अर्थव्यवस्था का विशिष्ट उदाहरण है। भारत के विकास की गति में धीमी किंतु निरंतर वृद्धि हुई है। भारत एवं चीन ने विकास व उन्नति के नए शिखर छुए हैं और दुनिया भर की निगाहें अपनी ओर खींच ली हैं।
यक्ष प्रश्न है कि सुपर पावर की दौड़ में कौन विजयी होगा-भारतीय कछुआ या चीनी खरगोश? सुप्रसिद्ध उद्यमी और पत्रकार राघव बहल का तर्क है कि इसका निर्णय इस आधार पर नहीं होगा कि इस समय कौन अधिक निवेश कर रहा है या कौन तेज गति से उन्नति कर रहा है, बल्कि सुपर पावर बनने के पैमाने होंगे-किसमें अधिक उद्यमशीलता और दूरदर्शिता है और कौन प्रतिस्पर्धात्मक परिस्थितियों का सामना करते हुए विकासशील है।
निर्णायक मुद्दा यह होगा कि क्या भारत अपने नीति-निर्धारण और सरकारी प्रशासन को सुधार पाएगा? एशिया की दो बड़ी शक्तियों-चीन और भारत-के इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था व संस्कृतियों के तथ्यपरक विश्लेषण और विवरण पर आधारित यह पुस्तक बहल के प्रतिभापूर्ण लेखन की परिचायक है।
सुपर पावर? में विद्वान् लेखक ने आँकड़ों सहित इन दो पड़ोसी देशों की होड़ का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है। ऐसे प्रत्येक पाठक के लिए, जो जिज्ञासु है कि ये दोनों देश इतिहास को कैसे बदलेंगे, यह पुस्तक अत्यंत पठनीय है।
अपने स्थापना-काल सन् 1958 से ही ‘उचित मूल्य पर अच्छी पुस्तकें’ प्रभात प्रकाशन का नीतिगत सिद्धांत रहा है। लगभग पैंतालीस वर्षों से साहित्य की प्रायः सभी विधाओं में एक विस्तृत पाठक वर्ग को श्रेष्ठतम पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराते हुए प्रभात प्रकाशन वर्तमान में देश में हिंदी पुस्तकों के प्रमुख और सर्वश्रेष्ठ प्रकाशन के रूप में 2,500 पुस्तकों का प्रकाशन कर अपनी पहचान बना चुका है।
प्रभात प्रकाशन द्वारा कथा साहित्य, भाषा-विज्ञान, शब्दकोश, हास्य-व्यंग्य, प्राचीन साहित्य, गणित, पर्यावरण, निबंध, समालोचना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पाक कला, इतिहास, राजनीति, धर्म व संस्कृति तथा स्वास्थ्य पर पुस्तकें प्रकाशित हैं। भारत के लगभग सभी स्थापित लेखकों के अलावा नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रवींद्रनाथ टैगोर, वी.एस. नायपॉल, मोहम्मद यूनुस और शरतचंद्र चट्टोपाध्याय, वृंदावनलाल वर्मा तथा विष्णु प्रभाकर की संपूर्ण रचनाएँ शामिल हैं।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा, पूर्व उपराष्ट्रपति श्री भैरोंसिंह शेखावत, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप-प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी, अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, अमेरिका की रक्षा मंत्री हिलेरी क्लिंटन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जे.आर.डी. टाटा, दलाई लामा, सरदार पटेल, दीपक चोपड़ा, रोबिन शर्मा, उपन्यासकार चेतन भगत आदि सार्वजनिक जीवन के अनेक प्रख्यात व प्रतिष्ठित महानुभावों की रचनाएँ प्रकाशित करने का गौरव प्रभात प्रकाशन को प्राप्त है।
प्रकाशन में हमारी उत्तम गुणवत्ता को देखते हुए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि पिछले दस वर्षों से प्रभात प्रकाशन को भारतीय प्रकाशन उद्योग के मुख्य संघ ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स’ द्वारा लगातार ‘प्रकाशन में श्रेष्ठता’ के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो रहा है।
प्रभात प्रकाशन की गुणवत्ता-नीति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मानक संस्थान ने हमें ISO 9001:2008 प्रकाशक से प्रमाणित किया है, जो विश्व में पहली बार किसी हिंदी प्रकाशन संस्थान को दिया गया है।
राघव बहल भारत के सबसे बड़े समाचार और व्यवसाय नेटवर्क 'नेटवर्क 18' के संस्थापक, नियामक-भागीदार और संपादक हैं, जो देश में सीएनएन व सीएनबीसी का प्रसारण करता है। 'नेटवर्क 18' सुप्रसिद्ध पत्रिका 'फोर्ब्स इंडिया' का प्रकाशन भी करता है। बहल एनबीसी यूनीवर्सल, वायकॉम, टाइम वार्नर और फोर्ब्स सरीखी विशाल मीडिया कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम स्थापित करने में सफल रहे हैं। 17 साल की अल्पावधि में 'नेटवर्क 18' ने करीब 3,500 करोड़ रुपए की बाजार पूँजी हासिल की है।
Emperor Sher Shah Suri is the father of India's roads-he built the Grand Trunk Road 450 years ago.
It spanned the breadth of India from current-day Bangladesh to Pakistan. At every 6 km was a sarai or rest place for caravans. Centuries later, Adam Smith would call roads 'the greatest of all improvements', but Sher Shah Suri had figured it all out for himself.
अपनी सुपर पावर की कॉपी ऑर्डर करें? चीन के खरगोश और भारत के कछुए के बीच कमाल की रेस, ऑनलाइन।
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'इस पुस्तक में भू-राजनीति के उभरते दौर में भारत और चीन की भूमिका का अनूठा तथा आकर्षक विवरण है।'
— आनंद शर्मा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, भारत सरकार |
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